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*************************************************************************************** ये आँखें नम क्यूँ हुई है आज ?, तेरी तस्वीर ही तो महज़ मैंने सीने से लगायी थी ……..पैगाम दिल का लेकर जो बादे सबा गई , सुना हैं नमी आँख More »
***************************** इम्तेहान – ऐ- इश्क में धार वफ़ा के तेज़ होते है ……..अंधेरी रात में तारों की झिलमिलाहट के ओज होते है ……….मै तो पढ़ लेता हूँ चेहरे से ही तेरे मन More »
दोस्तों , -मन की कशमकश और उधेड़बुन ….समझ की मासूमियत को कहाँ समझ पाते हैं भला …कब ,कहाँ कौन ,,किसी इम्तेहान में डाल दे …ज़िन्दगी सफ़र है बेमुकाम मंजिल का …. उथली More »
